"प्राचीन भारत का लिखित-अलिखित इतिहास साक्षी है कि भारतीय समाज ने कभी मातृशक्ति के महत्व का आकलन कम नहीं किया, न ही मैत्रेयी, गार्गी, विद्योत्त्मा, लक्ष्मीबाई, दुर्गावती के भारत में इनका महत्व कम था। हमारे वेद और ग्रंथ शक्ति के योगदान से भरे पड़े हैं. इतिहास वीरांगनाओं के बलिदानों का साक्षी है. जब आदिकाल से ही मातृशक्ति को सोचने, समझने, कहने और कुछ कर गुजरने के अवसर मिलते रहे हैं तब वर्तमान में क्यों नहीं? आज जब परिवार, समाज, राष्ट्र नारी की सहभागिता के बिना अपूर्ण है तब हमारा दायित्व बनता है कि हम नारियों में दूना-चौगुना उत्साह भरें। उन्हें घर, गाँव, शहर, देश और अंतरिक्ष से भी आगे सोचने का अवसर दें. उनकी योग्यता और क्षमता का उपयोग समाज और राष्ट्र विकास में होनें दें. " नारी शक्ति को ह्रदय से नमन!
- डॉ. विजय तिवारी "किसलय"


इसी विचारधारा के साथ बुधवार इकतीस मार्च दो हजार दस की शाम को "नईदुनिया" ने अपने अपने क्षेत्र की महान नारियों को नायिका की उपाधि प्रदान की नारी शक्ति के इस अभिनव और अदभुत सम्मान के अवसर पर तमाम नगरवासी एक अमर और अमित साक्षी बने

इस मौके पर अपने अपने क्षेत्र की नारी शक्तियां शिक्षा नायिका विमला मेबन की प्रतिनिधि नीनू मेबन, लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड की विजेता चंद्रप्रभा पटेरिया की प्रतिनिधि सुनैना पटेरिया, आपकी पसंद नायिका डा। रमा मिश्रा खेल नायिका प्रेरणा चौहान, विशेष पुरस्कार विजेता माया राय, लोकसेवा नायिका बिदिशा मुखर्जी, कार्पोरेट नायिका रेनु खन्ना, कार्यक्रम की विशेष अतिथि और शरद जोशी की पुत्री नेहा शरद, समाजसेवा नायिका सुषमा जैन, राजनीति नायिका सुशीला सिंह, बहादुरी नायिका सुरेखा परमार, कला नायिका श्रृंखला श्रीवास्तव और चिकित्सा नायिका डा. प्रज्ञा धीरावाणी ने मंच का गौरव बढाया!

6 प्रतिक्रियाएँ:

मनोज कुमार ने कहा…

बहुत अच्छी प्रस्तुति।

अल्पना वर्मा ने कहा…

abhaar is lekh ke liye.
bahut achchee prastuti.

VIJAY TIWARI " KISLAY " ने कहा…

राम कृष्ण जी,
वाकई नई दुनिया का प्रयास सराहनीय है.
उद्देश्य भी अच्छा है
इनका प्रयास नारी चेतना को गति प्रदान करेगा
" एक व्यक्ति - एक वोट " के आधार पर निर्णय सुनिश्चित होता तो पारदर्शिता कहलाती.
फिर भी कोई नायिका कमतर नहीं है, हमारी सभी को बधाई.
आपको इस प्रस्तुति के लिए आभार.
- विजय तिवारी ' किसलय '

• » яαм кяιѕнηα Gαuтαм « • ने कहा…

आदरणीय विजय जी, आपके सुझाव का शुक्रिया... जहाँ तक "एक व्यक्ति - एक वोट" की बात है तो पहले हमने इसी तरह की योजना की थी लेकिन इस आयोजन से जुड़े अन्य गणमान्यों के सुझावों और बहुमत ने एसएमएस, ईमेल व अन्य तरीक़े सुझाए!! बाद में फिर तय किया गया कि जूरी बिठाई जाएगी और नामांकित महिलाओं/प्रतिभागियों की प्रोफाइल व उनकी उपलब्धियों के आधार पर हर क्षेत्र से एक "नायिका" चुनी जाएगी, फिर निर्णय इसी आधार पर हुआ!!


शुभ भाव


"राम कृष्ण गौतम"

Prem Farrukhabadi ने कहा…

बहुत अच्छी प्रस्तुति.सराहनीय प्रस्तुति.

शुभम जैन ने कहा…

bahut hi sundar aur srahniya pyas...
post ki prastuti bhi bahut achchi...

shubhkamnaye...

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