राह में फूल बिछे होंगे
न सोचा मैंने कभी, न तू सोच
कुछ मिले न मिले
ये पत्थर तो हर जगह हैं ही
खुद से न किसी से शिकायत कोई
कि जो मेरी तरफ आएगा
वो पत्थर ही होगा



साभार :- इन्दू जी

1 प्रतिक्रियाएँ:

योगेन्द्र पाल ने कहा…

असल में चल तो हम रहे हैं, हम दूसरों की तरफ जा रहे हैं दूसरे हमारी तरफ नहीं आ रहे हैं

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